Sunday, August 2, 2009

हुसैन पर बैन; कला के बाज़ार की हकीकत


एक बार फिर हुसैन की चर्चा है। इंडिया आर्ट समिट के आयोजकों ने उनके चित्रों को प्रर्दशित कराने से इंकार कर दिया। ये कला पर हावी मार्केट का ही उदहारण है । बाज़ार तो सिर्फ़ मुनाफा पहचानता है, कला और कलाकार को नही। हुसैन के सम्मिट में रहने से सांप्रदायिक ताकतें पहुच गयीं और हंगामा हो गया तो भंडोल हो जाएगा और बाज़ार का तो नुकसान हो जाएगा । जिस बाज़ार के हुसैन भी हिमायती हैं वो बाज़ार भला हुसैन को क्यों बख्शे । समकालीन कला का बाज़ार दरअसल पूंजीपतियो का खेल है। इसके खिलाड़ी संवेदनहीन हैं चाहे वे कलाकार हों , गैलेरी मालिक हों , या फिर निवेशक । आधुनिक कलाओं के इस दौर में सभी व्यापारी हैं ।
हुसैन पर बैन एक लोकतान्त्रिक मूल्यों पर प्रहार की बात है तो दूसरी तरफ़ ये हुसैन और आर्ट सम्मिट वालों के लिए फायेदे पहुचानेवाली क्रिया है । दरअसल ये कलाकार, गैलेरी और सम्मितवालों की आपसी मिलीभगत भी हो सकती है।
यह बैन लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या जैसी है। फंदामेंतालिस्ट ताकतों की बाज़ार के साथ गठजोड़ दुखद है। दरअसल कला के बाज़ार का असली चेहरा येही है।
हुसैन भारतीय पौराणिक गाथाओं के सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक चित्रकार हैं । इन गाथाओं को जितना हुसैन ने चित्रित किया है उसे पुनर्व्याख्यायित किया है उतना तो किसी हिंदू चित्रकार ने भी नही किया है। रही बात नग्न चित्रित कराने की तो इसकी पुरानी हिन्दुस्तानी परम्परा है।, जिस पर काफी लिखा जा चुका है । चूँकि हुसैन मुस्लमान हैं इसलिए हमें दिक्कत है । इंडिया आर्ट सम्मिट का विवाद कला की आजादी पर परोक्ष हमला है। ये बरोदा एपिसोड की सौम्य पुनरावृति है । जरुरत इस बात की है की इंडिया आर्ट सम्मिट का बहिष्कार किया जाए। इस विवाद से हुसैन भी व्यथित हैं की वो देश वापस नही लौटना चाहते हैं । हालाँकि वो एशियन एज नामक अख़बार में इससे विनम्र इंकार भी करते हैं। वे कहते हैं की उनके लौटने पर कोई बैन नही है । वे तो मात्र सृजन कार्य में व्यस्त हैं। ये हुसैन का बड़प्पन है । पर हुसैन का दर्द छिप नही पता है।
हुसैन विगत कई वर्षों से बाहर हैं । उनके हाल के कम देश में देखने को नही मिले हैं ।येही हाल रहा तो आनेवाले कई वर्षों तक एक सच्चे देशभक्त कलाकार के रचनाकर्म से हम कट जायेंगे । कला का बाज़ार इसके लिए दोषी है। क्योंकि उन्हें कला के बजाये उसके करोड़ों बनाने में लगा है। पर सावधान दोस्तों इस गठजोड़ में kalakar भी हिस्सेदार हैं
० विनय कुमार